पूर्व मध्य काल
पूर्व मध्यकाल एक महत्वपूर्ण अवधि थी जो यूरोप और अफ्रीका के इतिहास में आधुनिक युग के पहले प्रमुख अवधारणाओं की उत्पत्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस काल के दौरान विज्ञान, साहित्य, कला, और समाज में महत्वपूर्ण परिवर्तन हुए। पूर्व मध्यकाल का काल सामंजस्यपूर्ण और संघर्षपूर्ण था, जिसमें धर्म, सामाजिक प्रणालियाँ, और राजनीतिक अनुशासन के विकास में महत्वपूर्ण परिवर्तन हुए।
यह काल भारतीय इतिहास में भी महत्वपूर्ण है, जब धार्मिक और सामाजिक परिवर्तन एवं विविध साहित्यिक कार्यकलाप हुए। इस काल में भारत में विभिन्न साम्राज्यों की उत्पत्ति हुई, जिनमें गुप्त राजवंश एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है।
1.निम्नलिखित में से कौन शासक “पृथ्वीराज चौहान” के नाम से प्रसिद्ध है ?
2. ताम्रपत्र लेख दर्शाते हैं कि प्राचीन काल में बिहार के राजाओं का संपर्क था-
3. सुवर्णभूमि का वह राजा कौन था, जिसने नालंदा में एक बौद्ध विहार की स्थापना की तथा उसके रख-रखाव हेतु अपने दूत द्वारा देवपाल से पांच गांव दान में देने के लिए प्रार्थना की ?
4. गोविंदचंद्र गहड़वाल की एक रानी कुमारदेवी ने धर्मचक्र-जिन विहार कहां बनवाया था ?
5. हम्मीर महाकाव्य में चौहानों को बताया गया है-
पूर्व मध्यकाल ने भारतीय समाज और संस्कृति के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिससे भारतीय संस्कृति के विभिन्न पहलुओं का उद्भव हुआ।
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