औद्योगिक क्रान्ति
औद्योगिक क्रांति की शुरुआत 18वीं सदी के उत्तरार्द्ध में इंग्लैंड में हुई थी. यह 1750-1850 ईस्वी के दौरान हुआ. इस दौरान इंग्लैंड में कुछ बदलाव हुए, जिससे वहां फ़ैक्ट्रियां खुलने लगीं. कई तरह की मशीनें बनने लगीं और उन्हें चलाने के लिए भाप का इस्तेमाल होने लगा. औद्योगिक क्रांति ने समाजों को कृषि अर्थव्यवस्था से विनिर्माण अर्थव्यवस्था में स्थानांतरित कर दिया. इससे उत्पादन और दक्षता में वृद्धि हुई, कीमतें कम हुईं, सामान की उपलब्धता बढ़ी, मज़दूरी बेहतर हुई और ग्रामीण क्षेत्रों से शहरी क्षेत्रों की ओर प्रवासन हुआ.
औद्योगीकरण एक सामाजिक और आर्थिक प्रक्रिया है. इसमें मानव-समूह की सामाजिक-आर्थिक स्थिति बदल जाती है. इसमें उद्योग-धंधों का बोलबाला होता है. यह आधुनीकीकरण का एक अंग है.
औद्योगिक क्रांति ने कृषि और हस्तशिल्प पर आधारित अर्थव्यवस्थाओं को बड़े पैमाने के उद्योग, मशीनीकृत विनिर्माण और फैक्ट्री प्रणाली पर आधारित अर्थव्यवस्थाओं में बदल दिया. नई मशीनें, नए ऊर्जा स्रोत और काम को व्यवस्थित करने के नए तरीकों ने मौजूदा उद्योगों को अधिक उत्पादक और कुशल बना दिया.
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